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इसकी तह में जाएं: ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल, डायबीटीज़ को नियंत्रित करना

डायबीटीज़ वाले लोगों को दिल का दौरा पड़ने, स्ट्रोक होने (दिमाग को खून पहुंचने में बाधा पड़ना) तथा टांगों के निचले हिस्सों और पैरों की रक्त नलिकाओं में रक्तसंचार ठीक से न होने का अधिक ख़तरा रहता है।

दूसरे कारक डायबीटीज़ वाले लोगों के लिए खतरे को और भी बढ़ा सकते हैं। खतरे के इन कारकों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • धूम्रपान करना
  • अधिक कोलेस्ट्रोल
  • अधिक ब्लड प्रेशर होना
  • दिल की बीमारियों का पारिवारिक इतिहास
  • अधिक वजन होना अथवा बिना शारीरिक कसरत वाला जीवन
  • अत्यधिक तनाव वाला जीवन

यदि आप अपनी डायबीटीज़, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल को भली-भांति नियंत्रित रखते हैं तो अपने दिल और रक्तसंचार को अच्छी दशा में बनाए रख सकते हैं।

दिल का दौरा अथवा स्ट्रोक क्यों होते हैं?

हमारी रक्त नलियां दिल और दिमाग तक ऑक्सीजन तथा पोषक तत्वों को पहुंचाती हैं। जब कोई नलिका पूरी तरह बंद हो जाती है तो रक्त से पहुंचने वाली ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी से ऊतक मरने लगते हैं। इस कारण दिल का दौरा अथवा स्ट्रोक की घटना घटती है।


यदि कोई रक्त नलिका केवल आंशिक तौर पर बंद है तो उसके कारण सीने में दिल के आस-पास के क्षेत्र में दर्द हो सकता है। इसके कारण दिमाग में “मिनि-स्ट्रोक” की घटना भी घट सकती है। समय के साथ ये आंशिक तौर पर बंद हुई नलिकाएं पूरी तरह बंद हो सकती हैं। छोटी रक्त नलिकाओं में ठीक से रक्तसंचार न हो पाने के कारण डायबीटीज़ की दूसरी जटिलताएं भी होती हैं, जैसे कि आंख, तंत्रिका और किडनी (गुर्दों) की बीमारियां।